जैसे ही राजू और उसका दोस्त घर के अंदर गए, उन्होंने एक अंधेरे कमरे में एक लकड़ी की मूर्ति देखी। मूर्ति एक महिला की थी, और उसकी आंखें लाल थीं। राजू और उसका दोस्त डर गए, और वे भाग गए।
उस रात, राजू को एक सपना आया। सपने में, वह महिला की मूर्ति को देख रहा था। मूर्ति ने राजू से कहा, "तुमने मुझे परेशान कर दिया है। अब मैं तुम्हें परेशान करूंगा।"
राजू सुबह उठा तो उसे बहुत डर लग रहा था। उसने अपने दोस्त को सपने के बारे में बताया, और उसका दोस्त भी डर गया।
उस दिन के बाद, राजू को हर रात सपने आते थे। सपने में, महिला की मूर्ति उसे परेशान करती थी। राजू को नींद नहीं आ रही थी, और वह बहुत कमजोर हो गया था।
एक दिन, राजू ने फैसला किया कि वह महिला की मूर्ति से छुटकारा पाने जा रहा है। उसने अपने दोस्त के साथ पुराने घर में वापस जाने का फैसला किया।
राजू और उसका दोस्त पुराने घर में वापस गए। उन्होंने महिला की मूर्ति को उठाया और उसे घर से बाहर ले गए। उन्होंने मूर्ति को जंगल में फेंक दिया।
राजू और उसका दोस्त घर लौट आए। वे बहुत थके हुए थे, लेकिन वे बहुत खुश थे कि उन्होंने महिला की मूर्ति से छुटकारा पा लिया था।
उस रात, राजू को कोई सपना नहीं आया। वह आराम से सो गया, और वह फिर से स्वस्थ हो गया।
